लो आ गया Laser Internet


लेजर इंटरनेट टेक्नोलॉजी के जरिए केबल के बिना फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट की सेवा दी जाती है।

गूगल ने भारत के दूर-दराज और पहुंच से दूर इलाकों को हाई स्पीड इंटरनेट देने के लिए लेजर इंटरनेट पर दांव लगाया है। इसके लिए गूगल ने भारती एयरटेल  के साथ साझेदारी की है। इस प्रोजेक्ट को तारा  नाम दिया गया है
गूगल और एयरटेल के लेजर इंटरनेट का सीधा मुकाबला एलन मस्क के स्टारलिंक (Starlink) के साथ होने वाला है। स्टारलिंक का इंटरनेट सैटेलाइज के जरिए काम करता है और गूगल के तारा प्रोजेक्ट का इंटरनेट बीम लाइट के जरिए काम करता है। सैटेलाइज और लेजर दोनों इंटरनेट की तुलना करें तो दोनों ही तरीकों में ही मशीन का इंस्टॉलेशन होगा। लेजर इंटरनेट में दो जगहों के बीच दो लेजर मशीनों लगाई जाएंगी जिनके बीच में लोगों को इंटरनेट मिलेगा। वहीं सैटेलाइट इंटरनेट आपके घर में लगे डीटीएच की तरह काम करेगा। सैटेलाइट इंटरनेट के लिए भी डीटीएच की छतरी की तरह ही एक छतरी इंस्टॉल करनी होगी जिसके जरिए इंटरनेट की सेवा मिलेगी।

हल्ला बोल एक्सप्रेस
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