
GeM पर नहीं लगेगा चार्ज ?
दोस्तों,आम आदमी, छोटे कारोबारी सरकार तक अपने सामान और सर्विस को आसानी से पहुंचा सकें, इसलिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसा पोर्टल भी बनाया गया है. अब इस पोर्टल पर कारोबार करना काफी आसान होने वाला है क्योंकि सरकार ने इससे जुड़े एक बड़े चार्ज को घटा दिया है. दरसल GeM के सीईओ की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे अजीत बी. चव्हाण ने बताया कि लेनदेन शुल्क में कटौती का यह कदम सरकार का एक साहसिक फैसला है. ये केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों की पहल का हिस्सा है.
चव्हाण ने बताया कि Ease Of Doing Business को बढ़ावा देने और अधिक समावेशी अर्थव्यवस्था बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता के साथ तालमेल बिठाते हुए GeM ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म पर लेनदेन करने वाले विक्रेताओं, सर्विस प्रोवाइडर्स पर लगाए जाने वाले लेनदेन शुल्क में बड़ी कटौती की है. रिपोर्ट्स के अनुसार GeM ने नौ अगस्त से पोर्टल की नई रेवेन्यू पॉलिसी लागू की है. इसके हिसाब से अब 10 लाख रुपए तक के सभी ऑर्डर पर जीरो ट्रांजेक्शन फीस लगेगी. पहले ये लिमिट 5 लाख रुपए की थी.
अजीत बी. चव्हाण ने डाटा शेयर करते हुए बताया कि 10 लाख रुपए से 10 करोड़ रुपए तक के ऑर्डर पर कुल ऑर्डर मूल्य का 0.30 प्रतिशत लेनदेन शुल्क लगाया जाएगा, जबकि पहले यह भी 0.45 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि 10 करोड़ रुपए से अधिक के ऑर्डर पर अब तीन लाख रुपए का एकसमान शुल्क देना होगा, जो पहले 72.5 लाख रुपए तक के लेनदेन पर लगने वाले शुल्क से काफी कम है.
ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस (EoDB) एक सूचकांक है जिसके ज़रिए यह पता चलता है कि किसी देश में कारोबार करना कितना आसान है. इसे विश्व बैंक जारी करता है. इस सूचकांक में कई पैरामीटर शामिल होते हैं, जिनके आधार पर किसी देश में कारोबार करने की आसानी का पता चलता है. इस सूचकांक में कम संख्यात्मक मूल्य का मतलब है कि उस देश में कारोबार करना ज़्यादा आसान है.
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